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पर्सिमन फल का पौधा

पर्सिमन एक विदेशी और उच्च मूल्य वाला फल है जिसकी बाजार में तेजी से मांग बढ़ रही है। यह फल स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसकी खेती बागवानी के रूप में की जाती है और सही देखभाल के साथ किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

🍊 परिचय

पर्सिमन एक आकर्षक और पौष्टिक फल है जिसे कई देशों में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। इसका फल मीठा और नरम होता है तथा इसमें विटामिन A, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी बढ़ती मांग के कारण यह किसानों के लिए एक लाभदायक फलदार फसल बन रही है।


🌾 उपयुक्त मिट्टी और जलवायु

  • पर्सिमन की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है।

  • मिट्टी का pH मान 6 से 7.5 के बीच होना चाहिए।

  • हल्की ठंडी और मध्यम जलवायु इसके लिए अच्छी मानी जाती है।

  • अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में इसकी खेती बेहतर होती है।


🌱 पौध लगाने का समय

पर्सिमन के पौधे लगाने का सही समय:

  • दिसंबर से फरवरी

  • जुलाई से अगस्त


🌿 पौध लगाने की विधि

  • खेत को अच्छी तरह तैयार करके गड्ढे खोदें।

  • गड्ढों का आकार लगभग 1 × 1 × 1 मीटर रखें।

  • पौधों को लगभग 15 से 18 फीट की दूरी पर लगाएं।

  • एक एकड़ खेत में लगभग 120 से 150 पौधे लगाए जा सकते हैं।

  • रोपाई के समय गोबर की खाद डालना लाभदायक होता है।


🌾 उत्पादन

  • पर्सिमन का पौधा लगभग 3 से 4 साल में फल देना शुरू करता है।

  • एक पेड़ से लगभग 40 से 50 किलो फल प्राप्त हो सकते हैं।


💰 संभावित मुनाफा

  • पर्सिमन फल की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है।

  • एक एकड़ खेती से किसान लगभग ₹2 लाख से ₹5 लाख तक का मुनाफा कमा सकते हैं।


🌱 पर्सिमन की खेती के फायदे

✔ विदेशी फल होने के कारण बाजार में इसकी मांग बढ़ रही है।
✔ फल पोषक तत्वों से भरपूर और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।
✔ बागवानी फसल होने के कारण कई वर्षों तक उत्पादन मिलता है।
✔ कम क्षेत्र में भी अच्छी आय का स्रोत बन सकता है।


👨‍🌾 किसानों के लिए सुझाव

  • पौधों की नियमित छंटाई करें।

  • खेत में जल निकासी अच्छी रखें।

  • जैविक खाद का उपयोग करें।

  • कीट और रोगों से बचाव के लिए नियमित निगरानी करें।